
दो मुसीबत में।
"दो मुसीबत में," एक छोटी सी नैतिक शिक्षा वाली सोने से पहले की कहानी है, जिसमें एक आलसी ट्रैंप वाशिंगटन जाते समय एक मोटे, देशभक्त राजनेता से मिलता है। उनकी बातचीत से उनकी परेशानियों के विपरीत कारण सामने आते हैं: ट्रैंप, जो गलत देशभक्ति से बर्बाद हो गया है, और राजनेता, जो अपनी आलसी प्रवृत्ति को दोष देता है। यह मुलाकात समर्पण बनाम आलस्य की बड़ी नैतिक कहानियों को उजागर करती है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए प्रेरणादायक सबक प्रदान करती है।


